विधायक के खिलाफ बोलने पर चंद्रिका प्रदेश सचिव से पदमुक्त

0जंगीपुर विधायक के खिलाफ किया था जंग का ऐलान
0शाम को विधायक के खिलाफ बोलेंगे चंद्रिका यादव
अजीत केआर सिंह, गाजीपुर
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सचिव चंद्रिका यादव को पद मुक्त कर दिया गया है। यह जानकारी पार्टी कार्यालय प्रभारी व पूर्व राज्यसभा सांसद अरविंद कुमार सिंह ने पत्र जारी करके दिया है। पिछले दिनों चंद्रिका यादव ने जंगीपुर विधायक के खिलाफ विवादित बयान दिया था और कहा था कि वीरेंद्र यादव यदुवंशियों के विरोधी हैं। यदुवंशियों को साजिश के तहत हारने का काम किया है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी में जबरदस्त हलचल है।
और प्रदेश कार्यालय के इस निर्णय को लेकर यदुवंशियों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने बताया कि प्रदेश कार्यालय ने यह कार्रवाई की है। इससे अधिक मैं कुछ भी नहीं जानता हूं। चंद्रिका यादव ने कहा कि हम फेसबुक लाइव आकर जवाब देंगे। यह बताएंगे कि जंगीपुर विधायक ने किस तरह से यदुवंशियों के खिलाफ साजिश रची। मैं चाहता हूं कि मुझे पार्टी से निकाल दिया जाए। अब चर्चा है कि दिनेश यादव को भी सपा से निकाला जाएगा। इसके पीछे सपा विधायक का हाथ है। वीरेंद्र को 2027 में परेशानी हो सकती है।
यह है पूरा मामला
समाजवादी पार्टी के जंगीपुर विधायक डा. वीरेंद्र यादव के खिलाफ वर्षों बाद अचानक उन सपा नेताओं का गुस्सा फूट गया, जिनको साजिशन चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा द्वारा प्रायोजित यादव महासम्मेलन में वीरेंद्र के मुख्य अतिथि बनने के बाद एक तरह से पूरे जिले में एक मुहिम चल पड़ी है, जो आने वाले दिनों में विधायक के लिए सियासी नासूर बन सकता है। छात्र नेता से सपा नेता बने दिनेश यादव के नेतृत्व में ऐसे सैकड़ों सपाई अब एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सपा का एक प्रतिनिधिमंडल अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर वीरेंद्र यादव की भाजपा से मिलीभगत का बड़ा खुलासा करेगा।
बीते 5 जनवरी को लंका मैदान में अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव के नेतृत्व में यादव महासम्मेलन आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि जैसे ही जंगीपुर विधायक डा. वीरेंद्र यादव को घोषित किया गया, सपा का एक गुट सक्रिय हो गया और सुजीत यादव का भाजपा से कनेक्शन का पूरा काला चिट्ठा खोलकर रख दिया। पीजी कालेज के छात्र संघ अध्यक्ष रहे सपा नेता दिनेश यादव ने अपने फेसबुक एकाउंट से सुजीत यादव के भाजपाई होने का जो सबूत पेश किया, उससे वीरेंद्र की मुश्किलें बढ़ गईं। ऐसा कहा जा रहा है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव तभी से वीरेंद्र यादव से नाराज चल रहे हैं, जब वह सीएम योगी से मिलकर जंगीपुर सुभाकरपुर मार्ग की खस्ताहाल सड़क को लेकर पत्र सौंपा था।
इसको लेकर वीरेंद्र यादव एक तरह से सपा में अलग थलग पड़ते हुए नजर आ रहे हैं। दिनेश यादव कहते हैं कि सुजीत यादव हरियाणा में सुजीत कैमरी के नाम से जाने जाते हैं। उन्हें वहां पर भाजपा पूर्वांचल प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था। उन्होंने बीते लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को जीताने के लिए चार सौ पार का नारा अपने फेसबुक एकाउंट पर लिखा था। यही नहीं पीएम मोदी, सीएम योगी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित तमाम नेताओं के साथ सुजीत की फोटो यह दर्शाती है कि यूपी के पूर्वांचल में यदुवंशियों को भाजपा के पक्ष में करने के लिए इतनी बड़ी साजिश यादवों के खिलाफ रची गई। इसको समझने में जंगीपुर विधायक चूक गए।
यादव महा सम्मेलन में वो नेता नहीं पहुंचे, जिनसे गाजीपुर में समाजवादी पार्टी की पहचान है। अब सवाल उठता है कि जब बार बार सपा के नेता सुजीत यादव को भाजपा का एजेंट बता रहे थे, तब क्यों वीरेंद्र यादव ने सियासी रिस्क लेकर मुख्य अतिथि बनना स्वीकार किया। साथ ही जंगीपुर की पांच जनवरी की मासिक बैठक को महासम्मेलन के लिए स्थगित किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का लाभ सिर्फ सुजीत यादव को मिला और वह जिले में मजबूती से स्थापित हो गए।
इस कार्यक्रम से उन्हें हजारों यादव जान गए। भाजपा की इस सियासी चाल पर पर्दा डालने वाले वीेरेंद्र यादव को आने वाले दिनों में इसकी सियासी कीमत अगर चुकानी पड़े तो किसी को चौंकना नहीं चाहिए। सपा नेता दिनेश का कहना है कि हम लोग जल्द ही जंगीपुर विधायक के खिलाफ पूरी रिपोर्ट तैयार करके अखिलेश भैया को सौंपेंगे।
इस खबर के बाद जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने रिपोर्ट तैयार करके प्रदेश कार्यालय को भेजा था। देखना होगा कि चंद्रिका यादव लाइव आकर विधायक के खिलाफ सियासी आग उगलेंगे।

