सीएम योगी से सपरिवार मिले एमएलसी चंचल

गोरखपुर मठ में चंचल की मुलाकात से समर्थकों में खुशी

0गर्मजोशी से सीएम का चंचल ने सपरिवार किया स्वागत

0दूसरी बार गाजीपुर से एमएलसी हैं विशाल सिंह चंचल

अजीत केआर सिंह, गाजीपुर। भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से सपरिवार बड़े ही गर्मजोशी से गोरखपुर में मिले तो कई सवाल भी उभरकर सामने आ गए। चंचल को अपने मठ पर सपरिवार देखकर सीएम योगी भी बडे़ ही खुश नजर आए।

उन्होंने चंचल को आर्शीवाद भी दिया। उन्होंने चंचल के तीनों बच्चों का हाल भी जाना। उन्हें पढ़ने की ताकीद भी दी। जब उनकी पत्नी ने महाराज जी के पांव छुए तो उन्होंने आर्शीवाद भी दिया। यह पिक्चर जैसे ही सोशल मीडिया पर चंचल के समर्थकों ने वायरल किया तो सियासी चर्चाएं भी शुरू हो गई आखिर गाजीपुर में 2022 और 2024 हारने के बाद भी चंचल सीएम योगी के बेहद करीब हैं। आखिर कैसे 2027 की नवका पार होगी। हालांकि सीएम योगी जिस अंदाज में अफसरशाही पर नकेल कस रहे हैं, उसे 2027 की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे पारसनाथ राय को जीताने के लिए दर्जनों जनसभाएं भी चंचल ने की। खुद चंचल का अपना कार्यालय है। जहां पर रोजाना दर्जनों की संख्या में समस्याएं सुनी जाती हैं। वह खुद ही प्रत्येक रविवार को यहां आकर अपने समर्थकों के साथ ही जिलेवासियों की समस्याएं सुनते हैं। अफसरों को हिदायद देते हैं। कई भ्रष्टाचारी पुलिस कर्मियों को निलंबित कराया।

वह जिले में भाजपा के इकलौते जनप्रतिनिधि भी हैं। यही नहीं पूरे प्रदेश में सबसे ईमानदार जनप्रतिनिधि की सूची में चंचल का नाम शामिल है। अभी तक उन पर भ्रष्टाचार के एक भी आरोप नहीं लगे। जबकि अन्य जनप्रतिनिधियों पर अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह अपनी निधि में कमीशन खाते हैं। जिले के कई सपा के जनप्रतिनिधियों पर इस तरह के आरोप लग चुके हैं।

खुलेआम कमीशनखोरी चल रही है। अब सवाल उठता है कि आखिर चंचल के इतना ईमानदार रहने के बावजूद जिले के अफसर भ्रष्टाचार करने से नहीं चूक रहे हैं। थाना, तहसील और ब्लाकों में खुलेआम कमीशनखोरी चल रही है। बिना रिश्वत लिए अधिकारियों की आंखें तक नहीं खुल रही हैं। पीडब्ल्यूडी की कोई ऐसी सड़क नहीं है जिसमें भ्रष्टाचार की बू न आती हो। यही नहीं हर सड़क समय से पहले उखड़ जाती है। ग्रामीण सड़कों की हालत बेहद खराब है।

अभी तक पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन यह दावा करने की स्थिति में नहीं हैं कि उनकी बनाई गई सड़कें उच्च गुणवत्ता की हैं, या नहीं। अगर किसी सड़क की जांच की बात की जाती है तो उसमें तकनीकी कारण दिखाकर ठेकेदार और जेई को बचा लिया जाता है। गाजीपुर में खुलेआम इंजीनियर और ठेकेदारों के कमीशनखोरी के गठजोड़ की हर तरफ चर्चा है।

अन्य विभागों का हाल भी कुछ ऐसा है। सूत्रों की मानें तो जिले की खराब हालात को लेकर चंचल ने सीएम योगी के कान भरे। उन्होंने बताया कि किस तरह से गाजीपुर में अफसरशाही लूटखसोट में लगी हुई है। हर अधिकारी मतवाला हो गया है। इस तरह के कुछ अधिकारियों के नाम भी उन्होंने सीएम योगी को बताए हैं। चूंकि चंचल सपरिवार योगी से मिलने गए थे, इसलिए उन्होंने बहुत चर्चा तो नहीं की, मगर भ्रष्टाचार के सवाल पर सीएम खुद ही बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं।

14 जनवरी 2025 के बाद जिले में भी तबादला एक्सप्रेस चलेगी। जिसमें कई अफसरों को यहां से विदा लेना पड़ेगा। विकास विभाग के मुखिया सीडीओ कार्यालय में भी बहुत कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। यही हाल डीपीओ कार्यालय का है। हालांकि सीएम योगी से मुलाकात के बाद चंचल के चेहरे पर खुशी देखी गई। वह काफी मुस्कुरा रहे थे। ऐसा लग रहा था कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार के दौैरान चंचल की भी पूछ गाजीपुर से बढ़ेगी।

क्योंकि जिस अंदाज में सीएम ने चंचल को अपना आर्शीवाद दिया है। भाजपा की दूसरी लाबी काफी हैरान नजर आ रही थी। सीएम योगी से सपरिवार चंचल की मुलाकात की तस्वीर को उनके सियासी विरोधियों ने बड़े गौर से जूम करके देख रहे हैं कि महाराज जी का चंचल के प्रति मिजाज कैसा है।



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