ग़ाज़ीपुर में भाजपा के यह होंगे जिलाध्यक्ष

0मनोज सिन्हा की पहली पसंद वाला चेहरा होगा जिलाध्यक्ष

0सुनील नहीं बने तो ओमप्रकाश राय और मनोज रेस में आगे

0वर्तमान एमएलसी एवं पूर्व विधायकों से भी ली गई थी राय

अजीत केआर सिंह, गाजीपुर। भाजपा जिलाध्यक्ष पद को लेकर जिले में अलटकों का बाजार गरम है। आखिर अगला जिलाध्यक्ष कौन होगा। क्या सुनील सिंह अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, या फिर उन्हें हटाकर किसी नए चेहरे पर दांव लगाया जाएगा। क्यों 2027 के विधानसभा चुनाव के समीकरण में भी जिलाध्यक्ष का चेहरा साधने की कोशिश होगी।

ऐसे में सबसे अधिक चर्चा है कि मनोज सिन्हा की पहली पसंद वाले चेहरे को ही जिलाध्यक्ष की कुर्सी नसीब होगी। अगर सुनील सिंह रिजेक्ट होते हैं तो ओमप्रकाश राय एवं मनोज सिंह के जिलाध्यक्ष बनने की सर्वाधिक चर्चा है। हालांकि अगले सप्ताह तक जनपद को नया जिलाध्यक्ष मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

पिछले महीने जिलाध्यक्ष को लेकर करीब दो दर्जन नेताओं ने नामांकन दाखिल किया था। हर तरफ से जिलाध्यक्ष के लिए आवेदन प्राप्त हुए है। जिला चुनाव अधिकारी रहीं सांसद गीता शाक्य ने अपनी रिपोर्ट तैयार करके सभी नामों की सूची प्रदेश कार्यालय को भेज दी थी। जिसमें पूर्व विधायकों के साथ ही वर्तमान राज्यसभा सांसद एवं एमएलसी के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह से भी सुझाव मांगे गए थे।

कुछ जनप्रतिनिधियों ने राजेश भारद्वाज का नाम आगे किया था। राजेश राजभर समाज से आते हैं। उनके जिलाध्यक्ष बनने से राजभर समाज का झुकाव भाजपा की तरफ होगा। हालांकि एनडीए गठबंधन में ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा भाजपा को सपोर्ट कर रही है। ऐसे में राजेश का नाम खारिज होने की अधिक संभावना है। अब मौजूदा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह की बात की जाए तो सुनील सिंह के रिपीट होने की अधिक संभावना जताई जा रही है।

उनका कार्यकाल भी अभी पूरा नहीं हुआ है। विशेष परिस्थितियों में ही दूसरे नामों पर चर्चा हो सकती है। अगर दूसरे नामों पर चर्चा हुई तो रेवतीपुर निवासी ओमप्रकाश राय एवं बिरनो के बस्तपुर गांव निवासी मनोज सिंह का नाम रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है। अगर इन दोनों नामों में जिलाध्यक्ष का नाम फाइनल करना होगा तो ओमप्रकाश राय भूमिहार समाज से आने के कारण कट सकते हैं, हालांकि वह संगठन के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं। वह पार्टी के लिए होल टाइमर हैै।

उम्र और भूमिहार समाज से आने के कारण ही उनका नाम कटेगा। वैसे वह पूरी तरह से जिलाध्यक्ष बनने की सभी योग्यताएं रखते हैं। मनोज सिंह युवा हैं, लेकिन उन्हें संगठन का उतना अनुभव नहीं है जितना ओमप्रकाश राय को है। मनोज सिंह पारस राय की पहली पसंद बताए जा रहे हैं। चूंकि पारस राय लोकसभा प्रत्याशी रह चुके हैं, इसलिए उनकी बात को मनोज सिन्हा काट नहीं पाएंगे।

खुद मनोज सिन्हा की नजरों में मनोज सिंह पहले नंबर पर हैैं। राजपूत समाज से आने के कारण मनोज सिंह की लाटरी खुल सकती है। हालांकि जिलाध्यक्ष बनने के लिए कश्मीर से लेकर दिल्ली और छोटी राजधानी में कई बार दावेदारों ने अपनी अपनी हाजिरी लगा चुके हैं। अब अगले सप्ताह जिलाध्यक्ष का ऐलान हो जाएगा।



अन्य समाचार